राजस्थान युवा सभा: शिक्षामंत्री के सामने बच्चों ने उठाया विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य व करियर काउंसलिंग का मुद्दा
विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने किया ‘राजस्थान युवा सभा’ उद्घाटन, स्कूली बच्चों ने निभाई मंत्री, नेता प्रतिपक्ष और जन प्रतिनिधियों का किरदार, सुलगते सवालों से एक दूसरे पर किया आघात
राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने पहली बार ऐतिहासिक अध्याय लिखा। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से सोमवार को प्रबल कार्यक्रम के तहत ‘राजस्थान युवा सभा’ का आयोजन विधानसभा में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर, राष्ट्रमंडल संसदीय संघ की राजस्थान शाखा के सचिव श्री संदीप शर्मा, शिक्षा शासन सचिव श्री कृष्ण कुणाल, राजस्थान विधानसभा प्रमुख सचिव श्री भारत भूषण, राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त श्रीमती अनुपमा जोरवाल, प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा निदेशक श्री सीताराम जाट मौजूद थे।

विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस युग में विद्यार्थियों पर बहुत दबाव है। ऐसे में मानसिक संतुलन बनाए रखना अत्यंत जरूरी है। सदैव सकारात्मक सोचें। कई क्षेत्र हैं जिनमें हम करियर बना सकते हैं, करियर हम उसी क्षेत्र में बनाए जिसमें हम रुचि रखते हैं। उनका करियर मार्गदर्शन कर भविष्य को उज्जवल बनाया जा सकता है। सभी विद्यार्थियों को मेरी तीन सलाह है, अपनी सोच को स्वतंत्र रखें, अपनी आवाज को कभी कमजोर ना होने दें और समस्या नहीं हमेशा समाधान की चर्चा करें।
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शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर ने कहा कि लोकतंत्र केवल पढ़ने का ही विषय नहीं है। यह संवाद, सहभागिता सीखा जा सकता है। इसे सम्मान के साथ सशक्त बनाया जा सकता है। मैं सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं।
शासन सचिव स्कूल शिक्षा श्री कृष्ण कुणाल ने कहा कि राजकी राजस्थान युवा सभा के लिए प्रदेश के बीस हजार राजकीय विद्यालयों से पारदर्शी प्रक्रिया से 158 विद्यार्थियों का चयन किया गया। ब्लॉक लेकर से जिला स्तर पर, जिला स्तर से राज्य स्तर के लिए विद्यार्थियों को चुना गया। मैं इस कार्यक्रम से जुड़े सभी अधिकारियों व स्टाफ को आभार प्रकट करता हूं।
मॉक सत्र में विद्यार्थियों ने ‘हमारा भविष्य हमारा निर्णय – किशोर-किशोरियों के सशक्त भविष्य के लिए सुदृढ़ मानसिक स्वास्थ्य और उचित करियर मार्गदर्शन की आवश्यकता’ विषय पर सारगर्भित चर्चा की। प्रबल कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस आयोजन में वास्तविक विधानसभा सत्र की तर्ज पर अध्यक्ष, प्रमुख नेता एवं नेता प्रतिपक्ष की भूमिकाएं निभाईं। पक्ष की ओर से किए जा रहे प्रयासों से अवगत करवाया गया, वहीं विपक्ष ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा पहली बार इस तरह का नवाचार किया गया है, जिसमें कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, तार्किक चिंतन एवं आत्मविश्वास को सुदृढ़ करना है।