इमारत ही नहीं, भविष्य भी तैयार कर रहे हैं भामाशाह – मुख्यमंत्री

  • 29वां राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह
  • मुख्यमंत्री एवं डिप्टी सीएम के हाथों सम्मानित होकर खिले भामाशाह व प्रेरकों के चेहरे
  • भामाशाह प्रशस्ति पुस्तिका एवं शिविरा ई-बुलेटिन का विमोचन
  • आरटीई के तहत फीस पुनर्भरण व ट्रांसपोर्ट वाउचर की कुल 1000 करोड़ रुपए की राशि की डीबीटी

29वाँ राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह शनिवार को जयपुर के जवाहर नगर स्थित माहेश्वरी पब्लिक स्कूल के तक्षशिला सभागार में संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस कार्यक्रम में 135 भामाशाहों तथा 91 प्रेरकों सहित 15 प्रवासी राजस्थानी भामाशाहों को सम्मानित किया गया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भामाशाहों का शिक्षा में क्षेत्र में योगदान सराहनीय और अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि यहां उपस्थित भामाशाह विद्यालयों के लिए केवल इमारत ही खड़ी नहीं कर रहे, बल्कि देश और प्रदेश का भविष्य भी तैयार कर रहे हैं। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने भी सभी भामाशाह के योगदान के लिए आभार जताया। प्रदेश के राजकीय विद्यालयों की सूरत बदलने में सहयोग एवं शिक्षा की उन्नति में महत्ती भूमिका निभाने वाले इन भामाशाहों के प्रति आभार प्रकट करने के लिए उद्देश्य से इस समारोह का आयोजन किया गया है।

महाराणा प्रताप की परंपरा को आगे बढ़ा रहे भामाशाह – शिक्षामंत्री

समारोह में शिक्षामंत्री श्री मदन दिलावर ने मंच को संबोधित करते हुए कहा कि यहां आए सभी भामाशाह वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप के युग की भामाशाही परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से महाराणा प्रताप के समय आवश्यकता पढ़ने पर भामाशाहों ने आगे आकर अपना सर्वस्व देश की सेवा में अर्पण कर दिया था, उसी तरह से प्रदेश के और प्रदेश के बाहर रहने वाले प्रवासी राजस्थानी भामाशाहों ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को गुणवत्तापूर्ण बनाने का बीड़ा उठाया। इसका परिणाम ये रहा कि कंप्यूटर लैब्स, स्मार्ट क्लास जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं से प्रदेश की शिक्षा का स्तर उठा है। इसके अतिरिक्त, शासन सचिव शिक्षा श्री कृष्ण कुणाल ने विभाग की प्रगति की जानकारी दी।

250 से अधिक विभूतियां हुई सम्मानित –

समारोह में 250 से अधिक विभूतियां मंच पर सम्मानित हुई। इनमें 1 करोड़ रुपए से अधिक राशि का सहयोग देने वाले 35 भामाशाहों को शिक्षा विभूषण सम्मान, 30 लाख से 1 करोड़ रुपए तक का सहयोग देने वाले 100 भामाशाहों को शिक्षा भूषण सम्मान प्रदान किया गया। भामाशाहों को प्रेरित करने वाले 91 प्रेरक एवं मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु में प्रवासी राजस्थानी शिक्षा सम्मेलन आयोजित करने वाले 15 प्रवासी राजस्थानी भामाशाहों को भी सम्मानित किया गया।

आरटीई के अंतर्गत 1000 करोड़ की डीबीटी –

भामाशाह सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने भामाशाह प्रशस्ति पुस्तिका, शिविरा ई-बुलेटिन और शिक्षा विभाग की कक्षा 1 से 5 की नवीन पुस्तकों व संस्कृत शिक्षा की कक्षा 1 से 8 तक की नवीन पुस्तकों का विमोचन किया। इसके अतिरिक्त, आरटीई के अंतर्गत विद्यार्थियों की फीस पुनर्भरण व ट्रांसपोर्ट वाउचर की कुल 1000 करोड़ रुपए की राशि की डीबीटी भी की।

ये रहे उपस्थित –

इस मौके पर राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त श्रीमती अनुपमा जोरवाल, प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक श्री सीताराम जाट, मिड डे मील निदेशक श्री विश्वमोहन शर्मा, जिला प्रमुख जयपुर श्रीमती रमा चोपड़ा, अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक श्री सुरेश कुमार बुनकर और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।